फ़ेडरल मुकदमे
कुछ इमिग्रेशन समस्याएँ इमिग्रेशन सिस्टम के अंदर हल नहीं हो सकतीं। जब हिरासत गैरकानूनी हो या फ़ैसला कानूनी गलती पर आधारित हो, तो उसे फ़ेडरल कोर्ट में ठीक करवाया जाता है।
फ़ेडरल कोर्ट तक पहुँचने के दो रास्ते
पिटीशन फ़ॉर रिव्यू अंतिम डिपोर्टेशन आदेश को चुनौती देती है। हेबियस पिटीशन खुद हिरासत को चुनौती देती है।
- 1इमिग्रेशन कोर्टइमिग्रेशन जज के सामने मास्टर कैलेंडर और इंडिविजुअल (मेरिट्स) सुनवाई
- 2बोर्ड ऑफ़ इमिग्रेशन अपील्स (BIA)इमिग्रेशन जज के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील
- 3अमेरिकी कोर्ट ऑफ़ अपील्सपिटीशन फ़ॉर रिव्यू, नाइंथ और सेकंड सर्किट सहित8 U.S.C. § 1252
- §अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्टगैरकानूनी हिरासत को चुनौती देने वाली हेबियस कॉर्पस याचिकाएँ, किसी भी चरण में28 U.S.C. § 2241
गैरकानूनी इमिग्रेशन हिरासत को चुनौती
जब किसी व्यक्ति को बिना कानूनी आधार के, या कानून द्वारा ज़रूरी सुनवाई के बिना हिरासत में रखा जाता है, तो हेबियस पिटीशन फ़ेडरल डिस्ट्रिक्ट जज से रिहाई या संविधान के अनुसार उचित बॉन्ड सुनवाई का आदेश माँगती है। फ़र्म ये याचिकाएँ पूरे देश के अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दाखिल करती है, जहाँ भी क्लाइंट हिरासत में हो।
डिपोर्टेशन आदेशों के ख़िलाफ़ सर्किट कोर्ट में अपील
बोर्ड ऑफ़ इमिग्रेशन अपील्स के फ़ैसले के बाद, 30 दिनों के भीतर फ़ेडरल कोर्ट ऑफ़ अपील्स में पिटीशन फ़ॉर रिव्यू दाखिल करनी होती है। फ़र्म नाइंथ और सेकंड सर्किट में ये मामले लड़ती है, जिसमें डिपोर्टेशन पर रोक (stay of removal) के मोशन भी शामिल हैं ताकि फ़ैसला होने तक क्लाइंट अमेरिका में रह सके।
फ़र्म कहाँ मुकदमे लड़ती है
फ़ेडरल मामले वहीं दाखिल होते हैं जहाँ कानून कहता है: उस सर्किट में जिसके अंतर्गत इमिग्रेशन कोर्ट आता है, या उस डिस्ट्रिक्ट में जहाँ क्लाइंट हिरासत में है।
फ़ेडरल समय-सीमाएँ छोटी और सख़्त होती हैं।
- पिटीशन फ़ॉर रिव्यू बोर्ड के अंतिम फ़ैसले के 30 दिनों के भीतर दाखिल करनी होती है, और यह समय-सीमा बढ़ाई नहीं जा सकती।
- पिटीशन फ़ॉर रिव्यू अपने आप डिपोर्टेशन नहीं रोकती। इसके साथ रोक (stay) का मोशन दाखिल करना चाहिए।
- हेबियस राहत इस पर निर्भर करती है कि व्यक्ति कहाँ और कितने समय से हिरासत में है, इसलिए हिरासत शुरू होते ही फ़र्म से संपर्क करें।